प्राण प्रतिष्ठा से पहले उत्तराखंड में गूंजेगा जय श्री राम, राम मंदिर की थीम पर होगा उत्तरायणी और मकरैणी मेला

bikram

वह दिन करीब आ रहे हैं जब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होगा। भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में यह सबसे ज्यादा चर्चा का विषय है। जहां कई राष्ट्रीय हिंदू संगठन पूरे उत्साह के साथ भगवान राम के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। वहीं बीजेपी का कहना है कि मंदिर निर्माण का फैसला एक ऐतिहासिक फैसला है।

उत्तराखंड के मंदिरों में निकलेगी कलश यात्रा

जिसके लिए हजारों राम भक्तों ने अपनी जान देकर मंदिर की नींव रखी है। 22 जनवरी 2024 को होने वाला यह प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम इस सदी का सबसे बड़ा कार्यक्रम है। भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का रंग दुनिया भर में फैलता नजर आ रहा है। इसके साथ ही उत्तराखंड में मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के लिए इस कार्यक्रम से जुड़े बड़े निर्देश भी दिए हैं।

उन्होंने चर्चा की कि प्रदेश भर में आयोजित होने वाले उत्तरायणी एवं मकरैनी के कार्यक्रमों को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की थीम पर मनाया जाए। राम लला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की जोरदार तैयारियां उत्तराखंड में भी देखने को मिल रही हैं। उत्तरायणी और मकरैनी उत्तराखंड का धार्मिक मेला है जो हर साल आयोजित किया जाता है।

इस साल यह अलग होगा क्योंकि इसकी थीम अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम होगी। प्रधानमंत्री मोदी के देशवासियों से अनुरोध के बाद अब मुख्यमंत्री धामी ने भी राज्य के लोगों से इस पल का जश्न मनाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर अपने घरों में दीपोत्सव के साथ-साथ कलश यात्रा, आरती, राम कथा और घाटों की सफाई अभियान चलाने का अनुरोध किया है।

इस अवसर पर बागेश्वर में आयोजित होने वाले भव्य मेले और डाडामंडी, थलनदी और सांगुड़ा में गिंदी कौथिग (गेंद मेला) पौडी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की थीम पर मनाए जाने की उम्मीद है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश भर में कलश यात्राएं आयोजित करने और प्रमुख नदियों के घाटों की सफाई के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा स्कूलों में राम के आदर्शों पर निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

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