18 को हो सकती है उत्तराखंड में बर्फबारी, जानिए कैसा रहेगा मसूरी, नैनीताल में नए साल में मौसम

bikram

पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश और बर्फबारी के बाद यहां जबरदस्त ठंड पड़ रही है। इसके कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में नदियों और झीलों का पानी जम गया है।अक्टूबर के बाद से राज्य के उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चमोली जैसे जिलों में उच्च हिमालयी क्षेत्र में चार बार बर्फबारी हो चुकी है, हालांकि अभी तक भारी बर्फबारी नहीं हुई है।

केदारनाथ में पड़ चुकी है दो फुट तक बर्फ

इन दिनों ज्यादातर जगहों पर मौसम शुष्क है। मौसम विभाग की ओर से 18 दिसंबर तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। मौसम साफ रहेगा, हालांकि शीत लहर से कंपकंपी छूटती रहेगी। चारधाम भी बर्फ की सफेद चादर से ढक गए। केदारनाथ में तापमान पहले ही माइनस में पहुंच चुका है। तीन दिन बाद शुक्रवार को मौसम साफ होने पर केदारनाथ हेलीपैड से बर्फ हटाई जा सकेगी और एक बार फिर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

इसके बाद ही वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर ने वहां पांच टन निर्माण सामग्री पहुंचाई। हालांकि, केदारनाथ धाम से आठ किमी नीचे रामबाड़ा तक का पूरा इलाका बर्फ से ढका हुआ है। केदारपुरी में एक से दो फीट तक बर्फ जमा हो गई है। कड़ाके की ठंड के बावजूद यहां पुनर्निर्माण का काम जोरों से चल रहा है। यह सभी कार्य अगला यात्रा सीजन शुरू होने से पहले पूरा किया जाना है।

पिथौरागढ़ में ठंड बढ़ने के साथ ही आलम ये है कि पीने का पानी भी जम गया है। उच्च हिमालय में 12 से 13 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्रोत जारी है। व्यास घाटी में भी चीन के पास गुंजी और कालापानी तक वाहनों की आवाजाही अभी भी जारी है, लेकिन यहां पाइपों में पानी जमना शुरू हो गया है। जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

इससे अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों और बीआरओ को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तापमान माइनस 8 से 10 डिग्री तक पहुंच गया है। अब यह तो बर्फबारी पर ही निर्भर है कि इस साल उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन कैसा रहने वाला है। ऐसे में इस साल दिसंबर के अंत तक अच्छी बर्फबारी की संभावना है। पिछली बार साल 2014 में पूरे राज्य में रिकॉर्ड बर्फबारी हुई थी।

इस साल पूरे प्रदेश में 24 इंच बर्फबारी दर्ज की गई। इससे पहले वर्ष 2005 में 3.8 इंच बर्फबारी हुई थी। जबकि पिछले साल नवंबर और दिसंबर महीने में न के बराबर बर्फबारी हुई थी। इसका मुख्य कारण शीतकालीन वर्षा कम होना बताया गया। इस साल दिसंबर के अंत में राज्य में अच्छी बर्फबारी हो सकती है।

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