उत्तराखंड में IAS की इस हरकत पर हैरान रह गया पूरा कॉलेज, जानिए किस बात पर दे डाला दीपक रावत ने कारण बताओ नोटिस

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शहीद भगत सिंह (एसबीएस) राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर। उत्तराखंड से एक नई दिलचस्प घटना आ रही है, यहां इग्नू के एमबीए चौथे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। यहां एक आईएएस कार्यालय में धोखाधड़ी का मामला पकड़ा गया। मामला यह है कि कॉलेज में परीक्षा देते समय बच्चे बातचीत कर रहे थे और जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी मौके से गायब थे।

IAS दीपक रावत ने कॉलेज में खुद पकड़े नकलची

यह ओएएस अधिकारी कोई और नहीं बल्कि परीक्षा कक्ष में पहुंचे कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत हैं। उन्होंने भाई-बहन समेत तीन अभ्यर्थियों को पकड़ा, वे नकल करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। बाद में जब उनसे पूछताछ की गई तो पहले तो उन्होंने नकल की बात से साफ इनकार कर दिया। लेकिन जब उन्हें उत्तर लिखने के लिए नई शीट दी गई तो वे ऐसा करने में असमर्थ रहे।

लड़कियां रोने लगीं और कुमाऊं कमिश्नर से कहा कि उनका नाम सार्वजनिक न किया जाए, नहीं तो उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा, घटना शुक्रवार शाम की है। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। वह सीधे कमरा नंबर 11 में गए और एक भाई-बहन समेत तीन अभ्यर्थियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए।

इस संबंध में दीपक रावत ने विजिलेटर और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मौके पर दो छात्राओं और एक छात्र के पास से मोबाइल फोन बरामद हुए। दो छात्र भाई-बहन हैं। तीनों छात्रों ने संबंधित पेपर की पीडीएफ एक वेबसाइट से डाउनलोड की थी।

परीक्षा कक्ष में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। पूछताछ शुरू हुई तो पता चला कि परीक्षा के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक डॉ. शरद गुप्ता और चन्द्रशेखर ओली 20 मिनट तक कक्ष में नहीं थे।

निरीक्षण के बाद कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ छात्र मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर परीक्षा दे रहे हैं। जिस पर आईएएस दीपक रावत ने औचक निरीक्षण किया। इस संबंध में परीक्षा हॉल में ड्यूटी पर तैनात असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर इग्नू डॉ. शरद गुप्ता और लैब असिस्टेंट सीएस ओली को कारण बताओ नोटिस जारी कर शनिवार तक जवाब मांगा गया है।

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