स्मार्ट सिटी के नाम पर क्या बंद हो जाएगी देहरादून की सबसे पुरानी सवारी, जानिए क्या होगा विक्रम का भविष्य

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स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सबसे पहली बात यह है कि सड़कों पर आवाजाही को नियंत्रित करके या सड़क चौड़ीकरण करके यातायात को कम करना है। देहरादून शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। पैदल यात्रियों के लिए विभिन्न ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं।

देहरादून में बदल सकता है विक्रम का रूट

इसके अलावा यहां विक्रम का रूट जल्द ही बदला जा सकता है। संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने मुख्य शहर यानी घंटाघर और परेड ग्राउंड क्षेत्र में विक्रम-टेम्पो वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। इसके लिए संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने एसएसपी को पत्र लिखा है। इस पत्र में परेड ग्राउंड और घंटाघर पर लगने वाले जाम से लोगों को होने वाली परेशानी का जिक्र किया गया है।

अथॉरिटी ने लिखा कि विक्रम का परमिट सिटी सेंटर से 25 किमी के दायरे में है, लेकिन ये गाड़ियां चुनिंदा रूटों पर चल रही हैं, जिससे जाम की समस्या बढ़ रही है। घंटाघर और परेड ग्राउंड क्षेत्र में विक्रमों का संचालन बंद करने की जरूरत है। पत्र में सुझाव दिया गया है कि आईएसबीटी-घंटाघर और बल्लीवाला-सहारनपुर चौक रूट से विक्रमों का संचालन रेलवे स्टेशन तक किया जाएगा।

रिस्पना ब्रिज-परेड ग्राउंड मार्ग के विक्रम आराघर या बुद्ध चौक तक तथा सहस्त्रधारा-परेड ग्राउंड और रायपुर-परेड ग्राउंड मार्ग के विक्रम सर्वे चौक तक संचालित किये जायेंगे। इसी तरह राजपुर-घंटाघर रूट के विक्रमों को एस्लेहॉल तक संचालित करने का सुझाव दिया गया है। आपको बता दें कि पुलिस ने पहले ही शहर के मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

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