ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए पूरी तैयारी में जुटा है उत्तराखंड, विकास के लिए मुख्यमंत्री धामी विदेशों के बाद चेन्नई से आया 20000 करोड़ का MoU

bikram

8-9 दिसंबर को उत्तराखंड में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर उत्तराखंड में तैयारियां जोरों पर हैं। इसके लिए प्रशासनिक स्तर के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी तैयारी तेजी से की जा रही है. हम आपको बताना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों राज्य में निवेश लाने में व्यस्त हैं। लंदन और दुबई से विभिन्न कंपनियों के एमओयू प्राप्त करने से।

पहले अब लंदन और दुबई , अब घर में दहाड़ रहे धामी

अहमदाबाद में आयोजित रोड शो में 50 से अधिक उद्योग समूहों के साथ 20 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें शीतल ग्रुप एंड कंपनी, रैंकर्स हॉस्पिटल, जिवाया वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड, एस्ट्रल पाइप्स, वारमोरा टाइल्स, गुजरात अंबुजा एमकेसी शामिल हैं। इंसा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और अमूल। इसके अलावा कमोडिटी ट्रेडिंग, एडी मेहता लॉजिस्टिक्स, फ्रेंड्स एंड फ्रेंड्स ग्रुप ऑफ कंपनीज, पारेख वेंचर्स एलएलपी, वी मिलक एंटरप्राइजेज, आर्य ओशन लॉजिस्टिक्स पार्क, हिंदुस्तान ऑयल इंडस्ट्रीज, सुपैक इंडस्ट्रीज, श्रीजी ग्रुप, एनबी ग्रुप, शांताकारम निगम, अपोलो ग्रुप ऑफ पंचकर्मा होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (ट्राइडेंट), साबरमती यूनिवर्सिटी, लीला होटल्स एंड रिसॉर्ट्स, हॉप्स हेल्थकेयर, प्राइम फ्रेश, दत्त मोटर्स, नेक्सस इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ संस्थानों, समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार देश-विदेश में रोड शो कर रहे हैं. हाल ही में 8-9 दिसंबर को उत्तराखंड में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए बुधवार को अहमदाबाद में आयोजित रोड शो में इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न उद्योग समूहों के साथ बैठक करते हुए सभी निवेशकों को समिट के लिए आमंत्रित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में 06 हजार एकड़ का भूमि बैंक बनाया गया है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश करने वालों को अधिक प्रोत्साहन दिया जायेगा।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है और उत्तराखंड का बेहतर मानव संसाधन निवेशकों को उत्तराखंड आने के लिए आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था को संतुलित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उत्तराखंड जिसे देवभूमि के नाम से तो जाना जाता है लेकिन यह कर्मभूमि बनाने के लिए भी एक अच्छी जगह है। राज्य में हवाई, रेल, सड़क और रोपवे कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। इस साल अब तक 52 लाख से ज्यादा श्रद्धालु उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर आ चुके हैं। कुमाऊं मंडल में मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत भी तेजी से काम किया जा रहा है।

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