बेटे की चिंता किए बगैर दे दी देश के लिए जान, उत्तराखंड में 3माह पहले मां और अब पिता दीपक सिंह सुगड़ा हुए शहीद

bikram

एक बार फिर उत्तराखंड का एक जवान पीछे नहीं हटता और उसने अपनी मातृभूमि, इसके बाद पूरे क्षेत्र और राज्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। एक बार फिर शोक में डूब गया है। यहां के वीर लाल दीपक सिंह सुगरा ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है।

3 माह पहले मां और अब पिता का साया उठने से अकेला रह गया 1 साल बेटा

ये जवान दीपक सिंह सुगरा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में ड्यूटी पर थे, इसी दौरान वो शहीद हो गए। दीपक सिंह सुगड़ा मूल रूप से पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट क्षेत्र के रहने वाले थे। इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि जवान की पत्नी हिमानी देवी का तीन माह पहले ही निधन हो गया था।

दीपक का एक साल का बेटा है, जो फिलहाल अपनी दादी कोसूरी देवी के साथ गांव में रहता है. अभी तक बुजुर्ग कोसूरी देवी को भी उनके बेटे की शहादत की जानकारी नहीं दी गई है।

आज सुबह जवान के शहीद होने की खबर पूरे इलाके में फैल गई है. सिपाही दीपक सिंह सुघरा किरू में तैनात थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने दो बार पैरा स्पेशल कमांडो की ट्रेनिंग ली थी। अभी दो सप्ताह पहले ही वह छुट्टी पूरी कर अपनी ड्यूटी पर गया था। वर्तमान में वह किरू में तैनात थे, जहां गुरुवार को ड्यूटी के दौरान वह शहीद हो गए। जवान दीपक सिंह साल 2015 में भारतीय सेना का हिस्सा बने थे। जवान की शहादत के असली कारणों का पता नहीं चल पाया है।

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